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चर्च ऑफ गॉड जिसे दूसरी बार आने वाले मसीह आन सांग होंग ने स्थापित किया

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चर्च ऑफ गॉड की स्थापना 1964 में दूसरी बार आए मसीह आन सांग होंग द्वारा की गई थी। यह एकमात्र चर्च है जिसने प्रथम चर्च के सत्य और विश्वास को पुनःस्थापित किया है। अपनी स्थापना के बाद से, यह 175 देशों में 7,500 से अधिक चर्चों के साथ एक वैश्विक चर्च के रूप में विकसित हुआ है। चर्च ऑफ गॉड(आधिकारिक नाम: चर्च ऑफ गॉड वर्ल्ड मिशन सोसाइटी) बाइबल की शिक्षाओं के अनुसार पिता परमेश्वर और माता परमेश्वर पर विश्वास करता है। सदस्य विश्वासपूर्वक नई वाचा का पालन करते हैं और संसार को सुसमाचार का प्रचार करते हैं। वे परमेश्वर की शिक्षाओं की आज्ञाकारिता में प्रेम और ईमानदारी के साथ अपनी हार्दिक स्वयं सेवाओं के माध्यम से सभी लोगों को खुशी प्रदान करते हैं।

दूसरी बार आने वाले मसीह द्वारा पुनर्निर्माण किया गया चर्च ऑफ गॉड

लगभग 2,000 वर्ष पहले, प्रेरितों ने चर्च ऑफ गॉड में भाग लिया था जिसे यीशु मसीह ने अपने लहू से स्थापित किया था(प्रे 20:28; 1कुर 1:2; गल 1:13)। चर्च ऑफ गॉड में परमेश्वर के क्रूस पर बहाए बहुमूल्य लहू से स्थापित फसह के साथ सब्त, पिन्तेकुस्त, झोपड़ियों का पर्व जैसे नई वाचा के सत्य थे(मत 26:17-28; लूक 22:7-20; लूक 4:16; प्रे 2:1-4; यूह 7:2-39)। नई वाचा का फसह वह पर्व था जिसे यीशु उत्सुकता से अपने चेलों के साथ मनाना चाहते थे क्योंकि इसमें पापों की क्षमा और अनन्त जीवन की आशीष थी(लूक 22:15; यूह 6:53-54)।

हालांकि, प्रेरितों के युग के बाद, चर्च धर्मनिरपेक्ष हो गया, और फसह सहित जीवन के सभी सत्यों को नष्ट कर दिया गया। अंधकार युग के दौरान, चर्च ऑफ गॉड, जो नई वाचा का पालन करता था, गायब हो गया। 16वीं शताब्दी में धर्म सुधार के बाद, भले ही कई अलग-अलग संप्रदाय और धार्मिक नेता प्रकट हुए और विभिन्न तरीकों से बाइबल की व्याख्या की, फिर भी कोई परमेश्वर का सत्य खोज नहीं पाया।

नई वाचा का सत्य, जिस पर लंबे समय से मुहर लगाई गई थी, अंत में खुल गया जब मसीह दूसरी बार आए। बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार, मसीह आन सांग होंग कोरिया में दाऊद के मूल के रूप में आए और उद्धार के सत्य, नई वाचा के सुसमाचार को पुनःस्थापित किया, जिसे केवल दूसरी बार आने वाले यीशु ही वापस ला सकते हैं। इसके बाद उन्होंने 1964 में चर्च ऑफ गॉड का पुनर्निर्माण किया(प्रक 5:5)। बाइबल ने यह भी भविष्यवाणी की थी कि दूसरी बार आने वाले मसीह माता परमेश्वर के रहस्य को पूरी तरह से प्रकट करेंगे, जो स्वर्गीय विवाह भोज में दुल्हिन हैं(प्रक 22:17; 19:7-9)। मसीह आन सांग होंग ने संसार के लोगों की सिय्योन की ओर अगुआई की, जहां नई वाचा की व्यवस्था है और जहां पिता परमेश्वर और माता परमेश्वर निवास करते हैं(मी 4:1-2; यहेज 47:1-12)।

चर्च ऑफ गॉड का परिचय

सत्य और विश्वास

चर्च ऑफ गॉड को अपना नाम, सत्य और विश्वास प्रथम चर्च से विरासत में मिला है। यीशु ने अपने लहू से नई वाचा की व्यवस्था की स्थापना की ताकि सभी लोग, जो अपने पापों के कारण मरने के लिए नियुक्त किए गये थे, पापों की क्षमा और पवित्र आत्मा की आशीष प्राप्त कर सकें। चर्च सुसमाचार का प्रचार करता है और नई वाचा का पालन करता है जिसमें तीन बार में सात पर्व शामिल हैं: फसह, अखमीरी रोटी का पर्व, प्रथम फल का पर्व[पुनरुत्थान का दिन], सप्ताहों का पर्व[पिन्तेकुस्त का दिन], नरसिंगों का पर्व, प्रायश्चित्त का दिन और झोपड़ियों का पर्व। अतिरिक्त नई वाचा की शिक्षाएं जिनका भी चर्च अनुसरण करता है, उनमें बपतिस्मा, सब्त का दिन और ओढ़नी का नियम शामिल है। चर्च ऑफ गॉड क्रूस की उपासना, रविवार की आराधना, क्रिसमस और धन्यवाद दिवस का पालन नहीं करता क्योंकि ये शिक्षाएं बाइबल में नहीं हैं और न ही परमेश्वर द्वारा दी गई हैं।

चर्च के सदस्य पिता परमेश्वर और माता परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, जो बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार जीवन का जल देने आए हैं और उनकी शिक्षाओं को व्यवहार में लाते हैं। परमेश्वर के सदृश संतानों के रूप में, वे खुश परिवार बनाने और ईश्वरीय स्वभाव में भाग लेने का प्रयास करते हैं। जैसा कि उन्हें बताया जाता है, “अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखो,” वे अपने पड़ोस, समुदायों और देश में योगदान करते हैं।

चर्च ऑफ गॉड के सत्य को और ज्यादा पढ़ें

विकास और उन्नति

1960 के दशक की शुरुआत में, चर्च ऑफ गॉड एक कमजोर हाउस चर्च के रूप में शुरू हुआ। मसीह आन सांग होंग के बलिदान और निष्ठा के माध्यम से, चर्च की नींव रखी गई और सुसमाचार पूरे राजधानी क्षेत्र और पूरे देश में फैल गया। बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार अपनी 37 साल की सेवकाई को पूरा करके 1985 में मसीह आन सांग होंग का स्वर्गारोहण हुआ, उसके बाद चर्च ने स्वर्गीय माता के मार्गदर्शन का पालन किया और नई वाचा के सुसमाचार का प्रचार करने के लिए और परमेश्वर के प्रेम का भी और अधिक अभ्यास किया।

अच्छे विश्वास के आधार पर, चर्च तेजी से विकसित हुआ और उनके पड़ोस और समुदायों का नमक और ज्योति बन गया। पंजीकृत सदस्यों की संख्या 1988 में 10,000 और 1990 के दशक के मध्य में 100,000 तक पहुंच गई। 1997 में, संयुक्त राज्य अमेरिका सहित तीन देशों में चर्च स्थापित किए गए थे। 2001 में कोरिया में पहला विदेशी मुलाकाती दल आया, सात देशों में चर्च स्थापित किए गए, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सदस्यों की संख्या में वृद्धि हुई और एक के बाद एक नए मंदिर स्थापित किए गए।

2016 में, नई यरूशलेम मंदिर(फानग्यो) की स्थापना की गई और सात अरब लोगों को बचाने के लिए आंदोलन की घोषणा की गई। 2018 में मसीह आन सांग होंग के जन्म की 100वीं सालगिरह के बाद, यह 175 देशों में 7,500 से अधिक चर्चों के साथ एक वैश्विक चर्च के रूप में विकसित हुआ। विदेशी मिशन को शुरू हुए केवल 20 वर्ष हुए हैं और चर्च की स्थापना के 50 वर्ष हुए हैं।

चर्च ऑफ गॉड के इतिहास के बारे में और पढ़ें

प्रेम और स्वयंसेवा

नस्ल, राष्ट्रीयता और संस्कृति से परे, चर्च ऑफ गॉड दुनिया भर के सभी लोगों को एक वैश्विक परिवार के रूप में मानता है। सदस्य आपदाओं, भूख, बीमारियों, गरीबी आदि से पीड़ित लोगों की मदद करके परमेश्वर के प्रेम का अभ्यास करते हैं। चर्च ऑफ गॉड आपातकालीन राहत, चिकित्सा/कल्याण सहायता, सांस्कृतिक संचार, चरित्र शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में स्वयं सेवाएं प्रदान करता है।

दुनिया भर में सरकारें और संगठन सहयोग प्रदान करके और साझेदारी का निर्माण करके चर्च ऑफ गॉड के साथ सहयोग करते हैं। इन साझेदारियों के माध्यम से, चर्च सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने, जलवायु परिवर्तन का सामना करने, आपदा राहत प्रयासों को प्रदान करने और दूसरों की भलाई में सुधार करके अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का समर्थन करता है। राजनीति, अर्थशास्त्र, कानून, शिक्षा, कला और संस्कृति, खेल और चिकित्सा जैसे विभिन्न क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों ने चर्च ऑफ गॉड की स्वयंसेवी गतिविधियों के समर्थन में हस्ताक्षर किए हैं।

2016 में, चर्च ऑफ गॉड को संयुक्त राष्ट्र केंद्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष[CERF] में आमंत्रित किया गया था, जो संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय सम्मेलन था; उन्होंने कहा कि यह पहली बार था जब किसी चर्च को सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था। प्रधान पादरी किम जू चिअल ने एक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद जारी रखने का संकल्प लेते हुए कहा, “चर्च ऑफ गॉड की सभी मानवीय गतिविधियां माता के हृदय से आती हैं।”

चर्च ऑफ गॉड के स्वयंसेवा कार्य के बारे में और पढ़ें

प्रमुख प्राप्त पुरस्कार

चर्च ऑफ गॉड को उनके समुदायों और देशों के प्रति समर्पण और प्रयासों के लिए मान्यता मिली है। चर्च को दुनिया से पदक, प्रशंसा पत्र और उपलब्धि पुरस्कार सहित 3,000 से अधिक पुरस्कार मिले हैं। कोरिया गणराज्य की तीन सरकारों ने चर्च को राष्ट्रपति के संगठन प्रशस्ति पत्र, पदक और राष्ट्रपति के प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया है। 2016 में, यूनाइटेड किंगडम की रानी एलिजाबेथ द्वितीय ने चर्च ऑफ गॉड को रानी की स्वयंसेवा पुरस्कार से सम्मानित किया। अमेरिका के राष्ट्रपति, बिडेन, ट्रम्प और ओबामा ने चर्च ऑफ गॉड को राष्ट्रपति का स्वयंसेवा स्वर्ण पुरस्कार(एक समूह के लिए सर्वोच्च पुरस्कार) 48 बार प्रस्तुत किया। इसके अलावा, चर्च ऑफ गॉड ने ग्रीन एप्पल पुरस्कार(गोल्ड और कांस्य) प्राप्त किया, जो सर्वोत्तम पर्यावरणीय प्रथाओं का प्रदर्शन करने वाले संगठनों के लिए एक वैश्विक पुरस्कार है।

स्थानीय सरकारों और परिषदों ने सामुदायिक विकास, एकता और संचार के लिए चर्च ऑफ गॉड की उपलब्धियों की याद में घोषणाएं और संकल्प जारी किए हैं। इसके अलावा, अमेरिका में कई नगर पालिकाओं ने चर्च ऑफ गॉड दिवस की घोषणा की है ताकि वे अपने नागरिकों को उसकी समर्पित स्वयंसेवा कार्यों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कर सके।

चर्च ऑफ गॉड को मिले प्रमुख पुरस्कारों के बारे में और पढ़ें

चर्च ऑफ गॉड का मिशन और विजन

चर्च ऑफ गॉड ही एकमात्र चर्च है जिसे परमेश्वर ने इस पृथ्वी पर स्थापित किया है। पवित्र परमेश्वर की इच्छा का पालन करते हुए, सदस्य लोगों को बचाने और उन्हें उद्धार की ओर ले जाने के लिए नई वाचा के सुसमाचार का प्रचार करने का प्रयास करते हैं(1तीम 2:4)। इसके माध्यम से, चर्च का लक्ष्य अंतिम सुधार के मिशन को पूरा करना है जो यीशु द्वारा स्थापित सम्पूर्ण सत्य का प्रचार करता है।

चर्च आत्मा और दुल्हिन के बारे में भी प्रचार करता है, जो इस युग में मानवजाति को जीवन का जल देते हैं(प्रक 22:17)। चर्च ऑफ गॉड बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार प्रकट हुए दूसरी बार आने वाले मसीह आन सांग होंग और स्वर्गीय माता के बारे में गवाही देकर लोगों को जीवन के मार्ग की ओर ले जाता है।

ईसाई धर्म के विश्वव्यापी पतन के बीच, चर्च ऑफ गॉड के निरंतर विकास के लिए प्रेरक शक्ति ‘परमेश्वर का सत्य और प्रेम’ है। चर्च ऑफ गॉड बाइबल के सत्य और स्वर्गीय पिता और माता के महान प्रेम के माध्यम से दुनिया भर के लोगों को आराम, आशा और खुशी प्रदान करता है। हिमालय के ऊंचे इलाकों से लेकर अमेज़न वर्षावन तक, अंटार्कटिका और उत्तरी ध्रुव के आस-पास के क्षेत्रों में, एलोहीम परमेश्वर की स्तुति गाने की आवाज गूंजती है।

चर्च ऑफ गॉड दुनिया भर में जीवन के सत्य का प्रचार इस उम्मीद के साथ करता रहेगा कि वैश्विक गांव में हर कोई एलोहीम परमेश्वर को महसूस करे, एक स्वर्गीय परिवार का सदस्य बने, और अनन्त जीवन की आशीष प्राप्त करे।

चर्च ऑफ गॉड WATV का शॉर्टकट

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