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बाइबल का उद्देश्य:
दो बातें जो हमें समझनी चाहिए

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मानवजाति की अगुवाई अनन्त स्वर्ग के राज्य की ओर करने के लिए परमेश्वर ने हमें बाइबल दी। दूसरे शब्दों में, बाइबल एक मार्गदर्शक है जो स्वर्गीय देश की ओर हमारी अगुवाई करती है।

हम अपनी नग्न आंखों से ब्रह्मांड में तारों को नहीं देख सकते, और अपने हाथों में कीटाणुओं और वायरस जैसे सूक्ष्म जीवों को भी नहीं देख सकते, भले ही वे हमारे बहुत करीब होते हैं। भले ही हम इन चीजों को नहीं देख सकते, लेकिन हम इस बात पर हठ नहीं करते कि इनका कोई अस्तित्व नहीं है। वास्तव में, हम दूरबीनों के माध्यम से तारों के अस्तित्व की पुष्टि कर सकते हैं, और सूक्ष्मदर्शी के माध्यम से सूक्ष्म जीवों की पुष्टि कर सकते हैं। हमारी आंखों से अदृश्य चीजों को देखने के लिए हमें उपकरणों की आवश्यकता होती है; उसी तरह, बाइबल हमारी आत्मिक दूरबीन और सूक्ष्मदर्शी के रूप में कार्य करती है जो अदृश्य दुनिया को प्रकट करती है। बाइबल का उद्देश्य क्या है, और मनुष्य को बाइबल के माध्यम से क्या जानना चाहिए?

बाइबल का उद्देश्य: भाग I मानव जाति के लिए अनन्त जीवन और उद्धार

जो लोग परमेश्वर में विश्वास नहीं करते वे अपनी बौद्धिक जिज्ञासा को संतुष्ट करने के लिए या अपने दैनिक जीवन के लिए ज्ञान और निर्देश प्राप्त करने के लिए बाइबल पढ़ते हैं। यहां तक कि ईसाई भी जो बाइबल में विश्वास करने का दावा करते हैं, अक्सर इसका मुख्य उद्देश्य जाने बिना इसे पढ़ते हैं। बाइबल का उद्देश्य क्या है? दो हजार वर्ष पहले, यीशु ने इस पृथ्वी पर आकर इस सवाल का जवाब दिया था।

तुम पवित्रशास्त्र में ढूंढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उसमें अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है; और यह वही है जो मेरी गवाही देता है… यूह 5:39

लोगों के लिए इस पृथ्वी पर लंबा जीवन जीना बहुत मुश्किल है। इस संसार में जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मृत्यु का सामना करना पड़ता है; लेकिन, स्वर्ग के राज्य में, कोई मृत्यु नहीं है(प्रक 21:4)। एक व्यक्ति को स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के लिए, अनन्त जीवन प्राप्त करना चाहिए। स्वर्ग एक ऐसी जगह है जहां मृत्यु नहीं है(प्रक 21:4)। लेकिन, मनुष्य के लिए 100 साल तक जीना भी मुश्किल है। ऐसा कोई नहीं है जो इस पृथ्वी पर जन्म लेता है और नहीं मरता। एकमात्र अनन्त जीवन वाले, सृष्टिकर्ता परमेश्वर ने उद्धार और अनन्त जीवन के रहस्यों को बाइबल में रखा है।

… पवित्रशास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धार्मिकता की शिक्षा के लिये लाभदायक है, ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्पर हो जाए। 2तीम 3:15-17

बाइबल मानवजाति के उद्धार के लिए परमेश्वर की लिखी पुस्तक है। बाइबल में हमारे उद्धार के लिए परमेश्वर की शिक्षा निहित है, इसलिए जो लोग इन सभी शिक्षाओं का महसूस करके पालन करते हैं, वे ऐसी बुद्धि प्राप्त करेंगे जो उनका मार्गदर्शन उद्धार की ओर करती है। उद्धार की बुद्धि में उद्धारकर्ता और सत्य को जानने का ज्ञान निहित है। लेकिन इतना ही नहीं है। बाइबल हमें न केवल उद्धारकर्ता और सत्य के बारे में ज्ञान देती है, बल्कि इसमें सही कार्यों और अच्छे चरित्र के बारे में भी कई सबक हैं जो हमें परमेश्वर के सदृश होने के लिए नए सिरे से जन्म लेने देते हैं। परमेश्वर का प्रेम उनके लोगों को सिद्ध बनाता है ताकि वे स्वर्ग के राज्य में सदा सर्वदा के लिए राज्य कर सकें(प्रक 22:5)। संपूर्ण बाइबल में, हम अपने लिए परमेश्वर का प्रेम देख सकते हैं।

बाइबल का उद्देश्य: भाग II उद्धारकर्ता के बारे में गवाही देना

यह उल्लेख करते हुए कि हम बाइबल के द्वारा अनन्त जीवन प्राप्त कर सकते हैं, यीशु ने कहा कि बाइबल गवाही देती है कि वह उद्धारकर्ता हैं। आइए हम यूहन्ना की पुस्तक में इसे फिर से देखें।

तुम पवित्रशास्त्र में ढूंढ़ते हो,क्योंकि समझते हो कि उसमें अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है; और यह वही है जो मेरी गवाही देता है। यूह 5:39

बाइबल का उद्देश्य परमेश्वर के बारे में गवाही देना है जो मानवजाति को पाप और मृत्यु से बचाने के लिए शरीर में आए। बाइबल ही एकमात्र मार्गदर्शक है जिसका उपयोग मानवजाति यह जानने के लिए कर सकती है कि सच्चे उद्धारकर्ता कौन है और उद्धार प्राप्त कर सकती है।

अर्थात् उस भेद को जो समयों और पीढ़ियों से गुप्त रहा, परन्तु अब उसके उन पवित्र लोगों पर प्रगट हुआ है… उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है, और वह यह है कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है। कुल 1:26-27

… परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात् मसीह को पहचान लें। जिसमें बुद्धि और ज्ञान के सारे भण्डार छिपे हुए हैं। कुल 2:2-3

मसीह” का अर्थ है परमेश्वर जो मानव जाति को बचाने के लिए शरीर में आते हैं। मसीह को जानना परमेश्वर का रहस्य है, और उसमें बुद्धि और ज्ञान के सारे भण्डार छिपे हुए हैं। बाइबल में सबसे गहरे रहस्य और सबसे बहुमूल्य भण्डार हैं। जो लोग पूरी तरह से विश्वास करते हैं कि बाइबल परमेश्वर का वचन है और सच्चे मन से इसका अध्ययन करते हैं, वे मसीह को पाएंगे, जो समयों और पीढ़ियों से गुप्त खजाना हैं, और अनन्त जीवन और उद्धार प्राप्त करेंगे।

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